जोधपुर: लोको पायलट की सतर्कता से बची युवक की जान, रेलवे ट्रैक पर बेहोश पड़ा मिला, दोनों हाथ थे बंधे - Bindass Boliyan

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जोधपुर: लोको पायलट की सतर्कता से बची युवक की जान, रेलवे ट्रैक पर बेहोश पड़ा मिला, दोनों हाथ थे बंधे

जोधपुर: लोको पायलट की सतर्कता से बची युवक की जान, रेलवे ट्रैक पर बेहोश पड़ा मिला, दोनों हाथ थे बंधे

जोधपुर, 12 जून 2025 

 


राजस्थान के ओसियां रेलवे स्टेशन पर बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब लोको पायलट की सूझबूझ और सतर्कता से रेलवे ट्रैक पर बेहोश पड़े एक युवक की जान बचाई जा सकी।

दिल्ली जा रही रुणिचा एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 14087) के लोको पायलट किशोर कुमार ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को युवक से कुछ इंच पहले रोक दिया। युवक बेहोश था और उसके दोनों हाथ बंधे हुए थे, जिससे मामला रहस्यमय बन गया है।

कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम

रेलवे सूत्रों के अनुसार, रुणिचा एक्सप्रेस बुधवार रात 11:00 बजे जोधपुर से रवाना हुई और करीब 11:55 बजे ओसियां स्टेशन पर पहुँची। नियत ठहराव के दो मिनट बाद जब ट्रेन फिर से रवाना हुई, तो कुछ ही दूरी पर लोको पायलट को ट्रैक पर कोई व्यक्ति पड़ा दिखाई दिया।

जैसे ही लोको पायलट को शक हुआ, उन्होंने स्पीड कम करते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाए और ट्रेन को रोक दिया। जब ट्रेन रुकी, तो वह बेहोश युवक से महज कुछ इंच दूर थी। अगर थोड़ी भी देर हो जाती, तो युवक की जान जा सकती थी।

दोनों हाथ बंधे, हत्या की कोशिश की आशंका

लोको पायलट ने तुरंत ट्रेन से उतरकर देखा तो युवक बेहोशी की हालत में था और उसके दोनों हाथ रस्सी से बंधे हुए थे। इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और रेलवे अधिकारियों को दी गई।

पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच में युवक की पहचान ओसियां के नयापुरा निवासी कानाराम भील के रूप में हुई। युवक को 108 एंबुलेंस की मदद से उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

पुलिस जांच में जुटी, कई सवाल अब भी अनसुलझे

ओसियां थाना प्रभारी सुरतान सिंह ने बताया कि फिलहाल मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है और जांच की जा रही है कि:

  • युवक खुद ट्रैक पर आया या उसे वहां जबरन लाया गया?
  • क्या यह आत्महत्या की कोशिश थी या हत्या का प्रयास?
  • उसके हाथ किसने और क्यों बांधे?
  • इन सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे।

ट्रेन हुई आधे घंटे देरी से रवाना

घटना के बाद रुणिचा एक्सप्रेस को करीब आधे घंटे तक रोका गया, जब तक पुलिस और मेडिकल टीम ने स्थिति को संभाल नहीं लिया। इसके बाद ट्रेन को सुरक्षित रवाना कर दिया गया।

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